मावजी तो है अवतारी महाराज
सामरे सपना नारी महाराज ।२
ऐ बाळपण मे परसो बतायो महाराज
ऐ सतरभुज रूप बणायो महाराज ।२
ऐ दशमो अवतार कहवायो महाराज
सबाला पुरी मे पुजायो महाराज ।२
बेणेसर मा भगती पकावी महाराज
गोपीसर मा राज रसायो महाराज ।२
ऐ गुजरात थकी कागद मगवाया महाराज
कागदो मा सोपडा लखिया महाराज ।२
ऐ मावजी तो है अवतार महाराज
सामरे सपना नारी महाराज ।२
ऐ भविष्य नी वात वताडि महाराज
सोपडा नी वाणी थावी हो महाराज ।२
ऐ राणा जी ने परसन वतायो महाराज
परसन उत्तर हम जाया महाराज ।२
ऐ सपना मा विवा रसायो महाराज
सपनो तो हासो थयो रे महाराज ।२
ऐ चार ओर विवा किदा महाराज
खेत जे मे दर्शन दिदा महाराज ।२
ऐ जिवण दास शिष कहवाया महाराज ।
ऐ मावजी तो है अवतारी महाराज
साम रे सपना नारी महाराज ।२
ऐ बलिखैर बकरो हिदीयो महाराज
मावजी तो शेला ने भेजे महाराज ।२
ऐ बलाई ने मावजी हमजावे महाराज
ग्यान नी वात हुणा वे महाराज ।२
ऐ बलाई ते एम बोले महाराज
मावजी तो गाडो थयो महाराज ।२
हिद तो बकरो जिवायो महाराज
कडाई थकी बकरो कुदायो महाराज ।२
ऐ बलाई पग मे पडिया महाराज
मावजी ने गरू बणाविया महाराज ।२
ऐ साद भगत कैवाया महाराज
सामत पन्त सलाया महाराज ।२
ऐ नसो तो दुर करायो महाराज
दसमो अवतार धरायो महाराज ।२
मावजी तो है अवतारी महाराज
सामरे सपना नारी महाराज ।२
