इक गाम मय इक पेलवान रेतोतो। वो रुज कसरत करीने खुब तागत वाळो थईग्यो। इक दाड़े वो इक बामुण पाय जाईने केवा लागो के मुं आजे कुस्ति करवा जाईरयो हुं ते तमे ई बताड़ो के मु आजे जीतीने आवुगा के अरी नेय तवाणा वणे बामुण किदु के तारे आजे राहु नेय सनि लागा थका हे,अटले तारे आजे जीतवा ना साईस कम हे। पेलवान आ वात हामळी नेय बी कुस्ति करवा जातो रयो नेय जिने थकी कुस्ति करी वणे वणा पेलवान नेय हरावी आकीयो, ते वो खुब मार खाईने आपड़े घेर आवियो ते पेलवान नी बयरी ईनी मालिस करी आली नेय पुसियु के तमे आजे कुस्ति मय अरीने आविया हो तवणा पेलवान किदु के मने आपड़े वो गोरजी ना किदु तु के आजे तारे राहु नेय सनि बै भारी हे, नेय तु कुस्ति मय अरी नेय आवेगा पण मय एणने वात नी मानी अटले मु अरीग्यो हुं।

पसे वो पेलवान वणा बामुण थकी पुसी नेय कोई बी काम करवा लागो इक वगत खुब मुटी कुस्ति थवा वाळी ती नेय वणा पेलवान नेय कुस्ति मय जवानु खुब मन थयु ते वो वणा बामुण पाय जाईने पुसवा लागो के गोरजी मु आणी कुस्ती मय कुस्ती करवा हारु जाई सकु मने पुरु होजे जुईने बताड़ो तवणा वणे बामुण आपड़ा टीपणा मय जुई नेय केवा लागो के तु आणी कुस्ति मय कुस्ति करवा हारु नके जा नेय 2020 थकी पेले तु कोई कुस्ति नी जीती सकतो हे। मु तने इक काम बताडु वो काम कर मारे आ सेलो नेय तु बै जणा सब गाम मय जाईने मारी सक्ति नी वात बताड़ो बीज मनक नेय मारो परसार करो तवाणा वो पेलवान बीजे दाड़े बामुण ना सेला हाते बीजा गाम मय जाईने वणा बामुण नी वाते बीज मनक नेय केवा लागा नेय वणा बामुण नो परसार करवा लागा। परसार करीने हाजे पेलवान आपड़े घेर आवियो तवणा पेलवान नी बयरी किदु के तमे पेलवानी नेय कसरत सुड़ी नेय आ हुं नवर काम मय लागीग्या हो तवणा पेलवान केवा लागो के वणा गोरजी नेय कोई बी वात कारीये जुटी नी पड़े वो अन्तर यामी हे। मु खाली 2020 मयस कुस्ति जीती सकुगा आटले गोरजी मने एणने काम करवानु किदु हे। अटले मु एणनो परसार करु हुं।

पेलवान नी बयरी जाणीगई के मु आणने कोई बी कउगा पण आ मारी वात नी हामळेगा अटले बीजे दाड़े वो बयरी पेलवान हारु इक अंगुटी लावीने आले पसे के आ अंगुटी वणे गोरजी मने आली हे नेय किदु हे,के आ अंगुटी पेरीने कुस्ति करवा हारु जो ते कुणे बी तमने नी अरावी सकेगा। आ वात हामळि नेय वणे पेलवान वो अंगुटी पेरीने केवा लागो के सई मय आणी अंगुटी मय खुब सक्ति हे मु आणी अंगुटी नेय पेरतम मने आ विस्वास थईग्यो हे। पसे पेलवान कुस्ति करवा जातो रयो नेय कुस्ति मय जीतीने पेलो नम्बर आवियो पेलो न. आविने वो खुब खुस थयो नेय आपड़े घेर आविने आपड़ी बयरी नेय पुरी वात बताड़ी ते वो बयरी किदु के आ अंगुटी कोई वणे गोरजी नी आली हे। आ अंगुटी तो मारी हे, तमने एम करीने आलिती के तमने मु कोई बी वात करती तो तमे ईने नी हामळता नेय केता के गोरजी जो किदु वास सई हे। अटले मने जुठू बुलवु पड़ीयु आणी अंगुटी मय कोई सक्ती नी हे सब सक्ति तमारे मय हे अटले कारीये बीजा माते विस्वास नी करवो जुवे।

अकल – आपडु काम खुद करो भाग्य नो भरुसे कोई नी थाये।