खुब टेम पेले इक गाम मय बै दुद विसवा वाळा रेता ता,इक नु नाम किसन नेय बीजा नु कान्यो तु। किसन खुब इमानदार नेय मेनत करवा वाळो तो। किसन रुज हवार मय उठी नेय आपड़ी ठाई नेय सार आलिने नावानु करीने पसे सुर्या भगवा नी प्रातना करतो, पसे आपड़ी ठाई नेय दुद काड़तो पसे बाजार मय जाईने वीसी आवतो। बीजी आड़े कान्यो खुब आलसी तो, वो खुब मोड़ो उठतो। कान्यो विसार करवा लागो के आ कोई जिन्दगी हे। रुज हवार मय उठीने ठाई नेय दुद काड़वु नेय बजार मय विसवु पेलेआड़े वो किसन खुब धन वालो थाये हे,वो कारीये दुद मय पाणी नी मलावे मु रुज दुद मय पाणी मलावु तो बी मारे खुब कम आवे हे। एम विसार करतो करतो वो ठाई नेय सार नाकवा लागो सार नाकते जाय नेय ठाई थकी केवा लागो के रुज हुड़ळु भरीने सार खाईने इक कठोरी भरीने दुद आले हे। इक दाड़े कान्यो दुद विसवा बजार मय जाये ते इक दुद लेवा वाळो कान्यो नेय केवा लागो के अगर काळ थकी तु दुद लेट लावेगा तो, तारु दुद बन्द करी आकजे आटलु लेट दुद आले तो मारे तारा दुद नी कोई जरुरत नी हे।

कान्यो घेर आविने विसार करवा लागो के आटलु जलदी दुद आलु तो बी दुद लेवा वाळा खुब आको करे आणा किसन नी तरय मु बी खुब दुद विसीने अमीर बणवानु विसार करु मने कोक उपायो सुसवो जुवे इम करीने रातरे हुतो पसे वो कान्यो किसन थकी पेले हवार मय उठीने किसन नेय घेर अन्देरा मय जाईने किसन नी ठाई नु दुद काड़ीने विसवा लागो किसन रु नी तरय हवार मय उठीने ठाई नेय सार नाकीने दुद काड़वा लागो ते दुद खुब कम आवियु ते वो सुसवा लागो के मारी ठाई तो बीमार बी नी हे नी दुबळी बी नी पड़ी हे।

पसे एम खुब दाड़ा तक सालतु रयु किसन सुसवा लागो के आ हु माजरो हे,तवणा किसन विसार करीयो के मने आ ध्यान राकवु हे के मारी ठाई नु दुद कुण काड़ी ले हे। एम करीने किसन पुरी रातर जागतो रयो हवार मय कान्यो आविने दुद काड़वा लागो ते किसन सुसवा लागो के कान्यो नेय कोक सबक आलवो हे। एम करीने बीजे दाड़े ठाई नेय जगा माते इक गदेडु लाविने मादी दिदु नेय ठाई नेय बीजी जगा मादी कान्यो रुज नी तरय हवार मय उठीने अन्दारा मय आविने गदेड़ा नेय ठाई हमजी नेय दुद काड़वा लागो ते गदेड़े कान्यो नेय लात वाई नेय खुब ड़ाड़े करवा लागु ते किसन बी उठीग्यो नेय पसे कान्यो नेय केवा लागो के तारे हाते तो आवुस थावु जुवेतु। तारी सजा तो आस हे। 

अकल – बीजने बुरु करगा तो, खुद नु बुरु थाये ।