रायपुर नाम नु इक गाम तु, वणा गाम मय रणजी नाम नो इक आदमी रतो तो। रणजी खुब भणियो नेय लकीयो थको तो पण कोई नोकरी नी ती ते वो थुड़ाक पईसा लईने वेपार करवा गाम थकी जातो तो ते वाट मय इक आदमी मलियो नेय रणजी नेय केवा लागो साब मारु नाम दिनेश हे मने थुड़क मनके वेपार मय धुको रीयो ते वेपार मय नुकसान थयु अगर मारे लायक कोक काम वे तो मने आलो।
रणजी- वेपार करतो तो हु वेपार करतो तो, मु बी वेपार करवा नकळीयो हुं।
दिनेश – मु धाबु सलावतो तो, मने रुटो नेय पराटो बणावता आवे हे।
रणजी - ते पसे हिड़ो आपड़े धाबुस खुल जे लाब थायेगा इन मय मु तने 10% आलुगा सई हे।
दिनेश – मानीग्यो।
पसे बै जणा वो थकी जाता रया नेय इक जगा माते धाबु खुलियु, दिनो रुटा नेय हाणु नेय पराटा बणावतो नेय रणजी मनक नेय खवानु परुसतो तो। आवी तरय थुड़ाक दाड़ा नकळीग्या। इक दाड़ो दिनो मु खुब मेनत करु नेय आटला नरम रुटा बणावु हु अटले मनक आय खवा आवे हे।
दिनो - रणजी थकी अटला दाड़ा थईग्या हे,आबार बी 10% खाली सामन ना पईसा तमारा फीर बी 90% तमे लोगा मने 50% जुवे नीते मु आय थकी जातो रउगा।
रणजी - देक दिना तु खाली फरीरयो तो ते मेय तने काम आलियु हे, वदार लालस करवी होजी नी हे तु जठली मेनत करी रयो हे अटली मेनत मु बी करीरयो हु। सामन ना पईसा आमता नी आवे हे, अगर तमे जवा साहो ते जाई सको हो तमारी धमकी थकी मु बीवा वालो नी हु।
इने वाय दिनो पायस इक धाबु खुलीयु नवु नवु धाबु तु ते मनक हवाद बदले वो जातत पण दिनो मुसकील मय पड़ीग्यो। वो मनक नेय टेम माते रुटा नी आली रयो तो। इणी तरय मनक पास रणजी नेय धाबा मय जावा लाग इणी तरय रणजी नेय बी रुटा नेय हाणु परुसवा मय खुब तगलीप थईरयी ती। इक दाड़ो।
रणजी - दिना थकी देक दिना इकलो धाबु सलावा मय तगलीप थयी रई हे, ते 50% मागीता मु तने आलुगा पासो आवीजा।
दिनो - साब मेय गलती करी हे, मु हमजीयो के खाली रुटा बणावा कापी हे। पण परुसवा बी इक कळा हे, मु येवि हमजीयो मने तमारी मेनत देकणी मु मारी लालस नेय करण हरमाई रयो हु मने 50% नी जुता तमे जे हमजो वो मने आलजु इणी तरय बै जणा मलिने काम करवा लागा।
अकल – लालस सई नी हे, इने थकी हमेसा नुकसान थाये।
