रामेश्वर नाम नु इक नानुक गाम तु, जिणमय महेन्र्द नाम इक किसान तो। महेन्र्द ना बै सुरा ता, इकनु नाम रघु तु ते बीजा नेय नाम रवी तु। रघु खुब होसियार तो, पण रवी  खुब भोलो तो। महेन्र्द थुडक दाड पेले थकी बेमार तो, अटले एणे सुसियु के जगा नेय घेर बै सुर मय वाटी दु अटलु सुसिने पसे आपडा मुटा बैटा नेय हादियो नेय केवा लागो के देक बैटा रघु एवी मु वदार दाडा तक नी जिवी सकुगा। मेय पुरी जिन्दगी मय जटलु कमायो हु, इक वीगा जगा नेय आ घेर नेय वो आबा नु रुकडु नेय इक गाय हे।

तु खुब होसियार हे, पण तारे नानो भाई खुब भुळो हे। बैटा तु एने केय जावा देकनय एने हमेसा तारे पायस राकजे हमेसा एनु ध्यान राकजे नेय आ पुरु धन बैजना वाटी लेजु। महेन्र्द अपड़े नाना रुरा नेय मुटा बैटा नेय होपी दे। थुड़ाक दाड़ वाय बेमारी नेय वज थकी महेन्र्द मरी जाऐ। रघु अटलो होजे नी तो जटलो महेन्र्द हमजतो तो। रघु सुसियु मारे नानो भाई ते खुब भुलो हे, मुं कोई बी करी लगा पण मारे भाई नेय कोई पतु नी लागेगा। 

इम करी नेय रघु नाना भाई पाय जायनी केवा लागो, देक रवी बापे आपडने जेय जायदात आली हे आ घेर वो खेतरस हे मुं आ घेर लुगा तने खेतर मय इक घेर बणावी आलुगा, वेसी बी तु आणा जुना घेर मय नी रई सकेगा। खेतर बी आपड़े अरदु अरदु वाटी लगा पाणी आड़े वालो हिस्सो मुं लुगा नेय पेलाड़े वालो तारो रेगा। आपड़ी जेय गाय हे, एने मोरलो भाग तु राकजे नेय वायलो भाग मु राकुगा। एवी बसीयु आपड़ो आम्बो, आम्बा नो नीसलो भाग तु राकजे नेय उपर वालो भाग मु राकुगा। रुकड़ा नो सयलो मय तु आराम करजे तवना रवी आहु भाईया पुरु काम तमेस करोगा हु तमे कटला होजे हो।

आणी तरीके थकी रघु आपड़े बापा नेय जायदात मय थकी रवी नेय हिस्सो आली दे, गाम घेर रघु राकीयु नेय रवी बदले खेतर मय इक घेर बणावी आलीयु खेतर नेय पाणी आड़े वालो भाग रघु राकीयो नेय हुको भाग रवी नेय आलियो, रवी आपड़े भुळापन थकी रघु नेय आ सालाकी अळकी नेय सकीयो। बापड़ो रवी गाय नी असली देकभाल करतो नेय सार बी खवाड़ तो, मुटो भाई रघु गाय ना पवटा साप करी नेय एने खेतर मय नाकतो तो किमके इनी फसळ होजे थाय एम करीनेय मुटो भाई पवटा साप करतो दिकीनेय रवी नेय खुब दुक थातु तु, इक दाड़े रवी भईया तमे कटला होजे हो तमे गाय  नी पुरी सपायी करो पवटा बी उटाड़ो आटलु काम करो मारे वती नी देकाय आपड़े इक काम कर गाय नेय मोरलो हिस्सो तमे राको नेय वायलो हिस्सो मु राकुगा। ना ना भाई आनी कोई बी जरुरत नी हे। मु सब जुई लुगा। रवी हर दाड़े आम्बा नेय पाणी पातो तो नेय आम्बा नेय सयला मय आराम करतो, इक दाड़े रघु आपड़े खेतर मय काम करतो तो नेय रवी आम्बा नेय ताळे आराम करतो तो। रवी आपड़ा भाई नेय गर्मी मय काम करतो दिकीनेय आपड़े भाई थकी केवा लागो के रघु बाई आणी गर्मी मय हु काम करीरया हो तमे आय आवो नेय आणा सयला ताळे बो तवणा रघु केवा लागो  मेय तने किदु तु के आणा आम्बा नो सयलो तारो हे अटले आणा आम्बा नो सयलो नो मजो तु ले रवी नेय लागी रयु तु के एने बाई रघु एने काम करतो नी दिकी सके अटले वो खुद काम करी रयो हे। अणी तरी के थकी थुडाक दाडा नकळी ग्या ते रघु इक बयरी थकी पणिग्यो, रघु नेय बयरी बी रघु नी तरय खुब लालसी ती।

पसे रवी बी इक होजे सुरी थकी पणिग्यो रवी नेय बयरी हुसीया नेय हमजदार ती रघु नेय करतुते वो देकी रईती थुडक दाड वाय गाय वीवणी ते गाय नु बसीयु रवी देकी नेय खुब खुश थयो नेय आपड़े भाई थकी केवा लागो भईया आ कटलु होजे हे आज थकी मु आनी देकभाल करुगा तवणा रघु तु हु लेवा आनी देकभाल करेगा। आते गाय नेय वायला भाग थकी आवीयु हे अटले आणा बसीयान ते मुस देकभाल करुगा। नेय वो आपड़े आई नु दुद पीवेगा तमारी आय कोई जरुरत नी हे। रघु नेय वात थकी रवी नेय खुब दुक थयु रघु गायनु दुद बी काड़ी लेतो तो। रवी नेय बयरी रघु जे धुको करे वो ओलकी जाय हे। नेय खुब नाराज थाये थुडक दाड़ वाय आ वात हमज मय आवी जाय के एनो आदमी कटलो भुलो हे। 

रवी नेय बयरी रवी थकी तमे खुब भुला हो, तमे गाय नेय सार नाको नेय दुद ते पुरु तमारे भाई लईलये हे। रवी गाय नो मोरलो भागस बाई मने आलीयो तो मने बसिया नेय बी आड़वा नी दिदो मने खुब दुक थाये हे। पण मु हु करु तवणा रवी नेय बयरी तमे एवुस करो जेवु मु कुउगा बीजे दाडे रघु गाय नु दुद काडवा बै तवणा  गाय नेय हामे उबो रवी गाय नेय जुरनु लाकडु वाय ते गाय रघु नेय जोरनी लात वाय ते रघु खलमटी खाईजाय ते रघु रवी थकी हु थयु रवी तवणा रवी गाय माते खुब मसर उडाडी रयो हु तवना रघु पासो दुद काडवा बै ते रवी जोरनी लाकेड गाय नी वाय ते गाय असानक रघु नेय जोरनी लात वाय रघु नीसे पड़ीयो हर वगत रघु दुद काडवा बैतो नेय रवी हर वगत गाय नी लाकेड़ वातो थड़ीक वार वाय रघु नेय अकल आवी गई नेय रवी थकी केवा लागो ठिक हे मारा भाई आज थकी गाय नेय दुद बी वाटगा नेय गाय नी देकभाल बी बै मलीने करगा। आपडा मुटा भाई नेय  बदलतो दिकी नेय रवी खुश थयो थड़क दाड़ा वाय आम्बा माते रघु कैरीये उतारवा लागो तवणा रवी आपड़ा भाई नेय कैरीये उतारतो दिकीने रघु थकी कैवा लाघो भईया मने बी थड़ीक कैरीये आल तवना रघु केवा लाघो आवु हरते थयी सके मु कारीये आणा आम्बा नो साळा ताळे नी बैटो अगर तारे कैरीये खावी वय ते जे बी आणा आम्बा ताले कैरी पड़ेगा तु खाई सकेगा।

रवी नेय रवी नी बयरी नेय रघु नो आ वैवार होजे नी लागतो तो रवी नेय बयरी रवी थकी केवा लागी तमे दुकी नके थो जेवु मु कउगा एवु तमे करो। बीजे दाड़े रवी आम्बा नेय थोक मय कोक सोटाड़ीग्यो ते रघु जवणा नीसे उतरवाग्यो ते लपड़ी नेय नीसे पड़ीग्यो ते रवी थकी आ हु तु रवी तवणा रवी आ मने इक बाबे आलीयु हे आणे थकी आम्बा माते कैरीये होजे लागेगा सई हे। बीजे दाड़े रघु लीणी लईने कैरीये उतारवा लागे ते रवी नेय इने बयरी बै जण सुसवा वाय रवी आपड़े हाते थुड़ाक आदमी लावी नेय वाणा आम्बा पाय जाई नेय केवा लागे  आणा आम्बा नेय वाड़ी आको  तवणा रघु आ हु हे रवी आकुवाड़ी नेय आणा सामान नी हु जरुरत हे।

तवणा भीईया मने इक बाबे इव बीज आलीय हे के एवी आणा रुकडा नेय मुळ मय बी कैरीये लागी सकेगा पण इने बदले पेले आणा आम्बा नेय कापवो पड़ेगा ने आणा आम्बा नेय वेसमयस आ बीज रुपव पड़े हे। तवणा रघु अरे उबोरे तारे बी कैरीये खावी हे ते मु तने बी कैरीये बराबर आलुगा। मुटा भाई नेय आपड़ी लालस नी खातिर खुब आपडा आप मय सरमीदा मसुस थयो नेय आपड़े भाई थकी मापी मागी।

अकल –  थुका वाळ मनक माते विश्वास नके करो।