इक गांम मय इक सकु बाई नाम निय बयरी रेती ती, वो इक भाड़ा वाळा घेर मय रेती ती। एनो आमदी मरीयो नेय बै वर थय त। एने इक सुरो बी तो, वो भणवा मय खुब होसियार तो घोर वाळा नेय मरवा नेय वाय घोर निय पुरी जिम्मेवारी सकु भाई नेय माते आविग्यी ती। सकु भाई नेय सुरा नेय नाम राजु तु, सकु बाई हमेसा सुसती के इक दाड़ो मारो सुरो मुटो अपसर बणेगा। सकु बाई जवणा काम करवा जाती ते राजु बी सकु बाई नेय हाते हाते जातो। सकु बाई कयेक घेर ठाँम्ड माजती ते कयेक घेर खवानु बणावती। राजु बेटो बेटो मनक नेय घेरे पेपर भणतो वो खुब ध्यान थकी भणतो। इक दाड़े राजु पेपर भणिरयो तो तवणा इक सेटाणी आवि नेय किदु अरे राजु पेपर भणि नेय हु मुटो अपसर बणी जायेगा इने थकी ते बड़िया तु तारे बाई नेय काम करवा लाग वेने तो थुड़ोक आरम मलेगा। तवणा राजु बुलियो सेटाणी मु इक दाड़े कलेक्टर बणुगा, आमारे पाय सोपड़ी लावे अटला पईसा निय हे अटले वदार ग्यान बदले मु पेपर भणु हु। सेटाणी बुली तु नेय कलेक्टर नेय जुर जुर निय दात काड़वा लागी। सकु बाई नेय आ वात खुब बुरी लागी। पसे बै जण वो थकी आपड़े घेरे जात रय।
सकु बाई विवा मय रुटा बणावानु काम सालु करी दिदु वो इकलिस 50 किलो आटा ना रुटा बणावती इने बदले वो हवार मय 4 वगे उटती, इने हाते हाते राजु बी हवार मय उटतो नेय आपड़ी बाई नेय काम करवा लागतो, नेय पसे वो भणवा लागतो। राजु आम थुड़क वर हुदि भणियो नेय हर वगत इस्कुल मय पेलो नम्बर आवतो। राजु थकी खुश थई नेय माड़साप एने मोरे भणवा हारु कोलेज मय जवा हारु किदु नेय भणाई नो पुरो खर्सो माड़साप उटाड़वा निय जिम्मेवारी लिदी। राजु 22 वर नो थईग्यो तो, अटले राजु दिल्ली जातो रयो। वो खुब भणवा लागो नेय लाइबेरी मय खुब भणाई करतो, इक दाड़े परिक्सा नो टेंम आवियो ते राजु रोड़ माते जतो तो ते इक गाड़ी वाळो राजु नेय टकर मारी नेय जातो रयो। ते राजु नेय माता मय नेय जमणा आत माते लागु ते राजु सुसवा लागो के मु परिक्सा आलवा जउके दवाखानेय जउ अगर मु दवाखाना मय जउ ते मारो खर्सो कुण उटाड़ेगा मारो ड़ाबो आत ते होजे हे आणे आत बी मु परिक्सा आलि सकु हुं। राजु परिक्सा आली नेय पसे दवाखानेयग्यो वो बी भणवा लागो नेय इटरवियु बी आलियु। पसे वो आपड़ा घेरे आवियो। थड़क दाड़ वाय राजु नेय बाई पेपर लावी वणेस दाड़े राजु नेय परिक्सा नु रिजल्ट आवियु तु ते राजु पेपर जुई नेय ड़ाडे करी नेय केवा लागो बाई मु कलेक्टर बणिग्यो हुं। आ हामळी नेय सकु बाई रुवा लागी नेय राजु बी रुवा लागो।
अकल – आपड़ नेय हमेसा आपड़ो लक्य नेय हासिल करवा बदले मेनत करवि जुवे, दुनिया दात काड़े या मजाक उड़ाडे पण हमेसा आपड़े लक्य नो पीसो करवो जुवे कामयाबी जरुर मले हे।
