इक सुरो खुब खराब तो । वो जीनी बी सातो वीने गाले देतो, नेय पसे नाई जातो इक दाडे इक वडला ताले इक बाबो बैढा ता ते वो, सुरो वणा बाबा नेय गाले दई नेय नाईग्यो पण बाबा नेय कोई फरक नी, पडीयो तवणा वणे सुरे बाबा नेय पाये आविने जोर जोर नी गालीया, देवा लाग्यो। पण बाबा आपडी भगति मय मस्त ता। तवना इक बिजे सुरे किदु, के बाबाजी तमने  वो सुरो खुब गाले दई रयो हे। तवणा बाबे किदु के वो खुब गाले दे पण मु नी लेतो हुँ। वो सब, इनेस लागि रहि हे। किम के सब गाले इनेस मुडा मय हे। गाले  देवा वालो सुरो सब हामली नी आपडी गलती नो पसतावो, थयो नेय बाबा थकी मापी मागी नेय आवि गलती कारेये नी करुगा। ई परण लिदो।

अकल – अपड़ी गलती नो पसतावो।