कासबु नेय खरकु बे जना दोस्त ता। खरकुऐ कासबा थकि किदु के तु कटलो धीरे धीरे हेडे हे। मु तने दोड मय हरा वी सकु हुँ। बे जणा मली नेय इक सरत लगाडी के दोड मय पलो कुण आवे पसे दोड सालु करी बे जणा दोडवा लागीया खरकु नेय गमड तो वो दोडते जाइने सुसवा लागियो के मु ते वायरा थकि फास दोडु हुँ। अटले मुस जीतुगा अरदी वाट मय जाइने इणे देखयु के कासबु तो खुब वाय रग्यु हे। ते मु थुडूक आरम करी आकु पसे इक झाड मय आरम करवा लागियो आरम करते करते हुईग्यो जीतवा नु ध्यान मय राकीने कासबु लगातार हेडवा लागियु धीरे धीरे हेडते थकि खरकु नेय मोरे नकलीग्यो नेय जितवा ना थाण माते पुगीग्यो।
अकल - रोज नु काम रोज करवो जुवे ईन मय जित मले।
