इक वगत नी वात हे। एक गांम मय बे भाई रेता ता। जे मुटो भाई घणो अमीर तो। नेय नानो भाई घणो गरीब तो । नाना भाई नेय खवाना बी वका पडी रया ता। इक दाडे नानो भाई मुटा भाई नेय पायेग्यो ने खवा बळे दाणा मागिया ते मुटे भाई ना कई दिदु ते नानो भाई घणो उदास थई नेय आपडा घेरे जावा लागियो। वाट मय इक दानो डुवो मलियो वो दानो डुवो आपडा माता माते इक लाकड नो भारो हाई नेय जातो तो नेय नाना भाई नेय दिकीने डुवे किदु के मारे आ लाकड़ नो भारो मारे घेरे मीनी आल, ते नाने भाई इणा डुवानो भारो हाई नेय डुवा नेय घेरे मीनी आलियो ते डुवे किदु के भाई तु घणो उदास केम हे। नाने भाई सारी वात बताडी ते डुवे इक काळो रोटो आली नेय किदु के जा तु आणा जगल मय नेय जगल मय तने इक मुटी गुपा मलेगा ते इणी गुपा मय तीन नाना आमदी मलेगा ऐणने काळो रोटो घणो बडिया लागे तारे पाय काळो रोटो दिकीने वो खवा बळे मागेगा। पण तु जे भी मागेगा वो तने आलेगा पण तु एण पाय इक पाणा नी घटि मागजे नानो भाई काळो रोटो लइनेग्यो गुपा मय ग्यो ते तीने नाना आमदी मलीया नेय काला रोटो नेय दिकीने मागवा लागीया नेय कैवा लागिया के आमने काळो रोटो आले ते तारे जे भी जुवे तु आय थकि लई जा ते नाने भाई पाणा नी घटी मागी ते तीने जणा नाना आमदी कीदु के आ घटी आमती नी हमज तो।
आणी घटी थकि जे कोई बी जूवे वो मली जायेगा। घटी नेय गुमावी नेय मागजे तारी इस्सा पुरी थई जा ते आणी घटी नेय लाल सेत्तरे थकि डाटी देजे नानो भाई घटी लई नेय घेरे आवीग्यो नेय पसे तरे तरे नी डाले नेय आनाज मागीय सब पसे सब घेरे वाळे पेट भरी नेय खादु नेय आराम करवा लागिय बीजे दाडे बीजी जे अनाज बजार मय जाई नेय वीसी नेय मोटा भाई थकि घणो अमीर बणीग्यो ते मोटो भाई सुसवा लागीयो के आणे ऐवु हुँ करीयु हे। आ आजे मारे थकि खुब अमीर हे।
इक दाडे मोटो भाई हपाई नेय सब जुई रयो तो। ते ईणे सुरी करवा नो सुचियो नेय घटी लई नेय नाईग्यो पसे गांम सुडवा नू सुसी नेय सब घेर वाल नेय लई नेय समुदर थकि नावडा मय बई नेय जावा लागियो।
मोटा भाई नेय बइरी पुसियु के आ पाणा नी घटी लई नेय तमे आमने सबने लई नेय कि जाई रया हो। तवणा मोटो भाई बुलियो के आ घटी आपड नेय खुब धन वाळ बनावेगा। जु मु तने बताडु एम कईने घटी गुमाडी नेय किदु के घटी घटी मीटु काड घटी थकि खुब मीटु नकलवा लागीयु मोटा भाई नेय घटी बंद करवा नो तरीको नी खबर ती ते नावडा मय खुब आकु मेटु थईग्यु नेय सब जणा समुदर मय डुबीग्या। अटले आजे भी समुदर मय घटी साली रही हे। नेय समुदर नो पाणी खारु हे।
अकल - लालस निय करवी जुवे।
