मारी जरणी रे जोग माया

ओ अरे उगमणा नेय मुदरी माळीयो। आतमणा नेय पुंजो भाई आतमणा नेय पुंजो।
मारी जरणी रे जोग माया आ.ऐ.।
ओ अरे उगमणा नेय मुदरी माळीयो। आतमणा नेय पुंजो भाई आतमणा नेय पुंजो।
मारी जरणी रे जोग माया आ.ऐ.।
अरे सरणे आयो नेय होरा राकजो राको सत्तर वाळी काया। पेली राको सेवाळ वाळी काया।
मारी जरणी रे जोग माया आ.ऐ.।

आजे गुरुवा दिवला हुना लागे हे

आजे गुरुवा मन्दर हुन लागे हे, जुग रसीया।2
पंजा नो करनारो कहार गयो हे,जुग रसीया।2
ओ आजे गुरुवा पाट हुना लागे हे, जुग रसीया।2
पाट नो सेवनारो कहार गयो हे,जुग रसीया।2
पाट नो पुरणारो कहार गयो हे,जुग रसीया।2
आजे गुरुवा दिवला हुना लागे हे, जुग रसीया।2
ओ दिवलानो सेवनारो कहार गयो हे,जुग रसीया।2
ओ आजे गुरुवा धुणियो किम हुनी हे, जुग रसीया।2

जाम्बुखंड नो धणी

ओ जाम्बुखंड नो धणी हे ले रंग बावळीयो।
आवे हे ले रंग बावळीयो।2
धर मुळ नो धणी हे ले रंग बावळीयो।
आवे हे ले रंग बावळीयो।2
ओ लेरीलो नेय लेरीलो आवे हे ले रंग बावळीयो।
आवे हे ले रंग बावळीयो।2
ओ वसन नो वेपारी हे ले रंग बावळीयो।
आवे हे ले रंग बावळीयो।2
ओ भगती नो वेपारी हे ले रंग बावळीयो।
आवे हे ले रंग बावळीयो।2

नकीकर अभीमान कोई नेय हाते आवेगा

नकीकर अभीमान कोई नेय हाते आवेगा जगा जमिन रुपयो सब रई जाएगा.२
माते वाळी नेय हु लईग्या जेये घड़ीग्या लाकड़ राकोड़थ्य इ बळिग्या.२
धरम करोगा ऐटलु हाते आवेगा जगा जमिन रुपयो सब रई जाएगा.२
नकीकर अभीमान कोई नेय हाते आवेगा जगा जमिन रुपयो सब रई जाएगा.२
आगळी भरी जगा बदले हु लड़ो हो इक मां ना बैटा थईने किम भीड़ो हो।

जय जय बोलो

ओ गरु ते गोविन्द नी जय जय बोलो लाल ते जरीयाला फुंलडा चडावो।2
आपडा गरुआ नी जय जय बोलो लाल ते जरीयाला फुंलडा चडावो।2
ओ आपडा धर्मा नी जय जय बोलो लाल ते जरीयाला फुंलडा चडावो।2
ऐ नीजारी धर्म नी जय जय बोलो लाल ते जरीयाला फुंलडा चडावो।2
ऐ सात नी लेर मे जजय जय बोलो लाल  ते जरीयाला फुंलडा चडावो।2
ओ  नीजारी धर्म नी जय जय बोलो लाल ते जरीयाला फुंलडा चडावो।2

राम तारी माया

ऐ ओगम समरु आतम समरु  समरु राम तारी  माया रे।२
अरे ओगम समरु सुर्या देव ने समरु समरु राम तारी  माया रे।२
ऐ आतम समरु आलम समरु समरु राम तारी माया रे।२
अरे अगास समरु पाताल समरु समरु राम तारी माया रे।२
ऐ आकास समरु इनदर देव ने समरु समरु राम तारी माया रे।२
ऐ पाताल समरु वासु देव ने समरु समरु राम तारी माया रे।२
ऐ रुणीजा वाला रामा पीर समरु समरु राम तारी माया रे।२

मारा रामे ते लखिया लेख

मारा रामे ते लखिया लेख लखमण वासि ले। ऐ इना जेना जेना लखिया हे लेख लखमण वासि ले।२
मारा रामे ते लखिया लेख समुदर नगरी मा। 
ओ इना मानगड मे लखिया लेख समुदर नगरी मा।२
ओ इनी धुणीय मे लखिया लेख समुदर नगरी मा। ऐ इना जना जना लखिया लेख समन्दर नगरी मा।२
ओ इना जिवला मे मारीया हे लेख समुदर नगरी मा। २