खारु पाणी

इक वगत नी वात हे। एक गांम मय बे भाई रेता ता। जे मुटो भाई घणो अमीर तो। नेय नानो भाई घणो गरीब तो । नाना भाई नेय खवाना बी वका पडी रया ता। इक दाडे नानो भाई मुटा भाई नेय पायेग्यो ने खवा बळे दाणा मागिया ते मुटे भाई ना कई दिदु ते नानो भाई घणो उदास थई नेय आपडा घेरे जावा लागियो। वाट मय इक दानो  डुवो मलियो वो दानो डुवो आपडा माता माते  इक लाकड नो भारो हाई नेय जातो तो नेय नाना भा

कासबा नेय खरकु नी वारता

कासबु नेय खरकु बे जना दोस्त ता। खरकुऐ  कासबा थकि किदु के तु कटलो धीरे धीरे हेडे हे। मु तने दोड मय हरा वी सकु हुँ। बे जणा मली नेय इक सरत लगाडी के दोड मय पलो कुण आवे पसे दोड सालु करी बे जणा दोडवा लागीया खरकु नेय गमड तो वो दोडते जाइने सुसवा लागियो के मु ते वायरा थकि फास  दोडु हुँ। अटले मुस जीतुगा अरदी वाट मय जाइने इणे देखयु के कासबु तो खुब वाय रग्यु हे। ते मु थुडूक आरम क

वाल्मिक बाबा निय वारता

वाल्मिक बाबाजी घणा डुवा थईग्या ता । इक दाडे आपडा शेलो ने, शिसा आळवा  बदळे इक तरीको सुसीयो नेय बाबाजी रुज शिसा आलवा, नि थाण माते आवी नेय शेला नेय भणावा लागिया। नेय सब शेळा नेय किदु , के तमे सब जणा ई बताडो के मारा मुण्डा मय कटला दात हे। सब शेळा इक इक करी नेय जुवा लागिया सब जणा जुई नेय किदु के , बाबाजी तमारे मुण्डा मय तो दात नी हे। तमारे दात सब पडीग्या हे। तमे ते बुकला ह

गाले पाई रई गई

इक सुरो खुब खराब तो । वो जीनी बी सातो वीने गाले देतो, नेय पसे नाई जातो इक दाडे इक वडला ताले इक बाबो बैढा ता ते वो, सुरो वणा बाबा नेय गाले दई नेय नाईग्यो पण बाबा नेय कोई फरक नी, पडीयो तवणा वणे सुरे बाबा नेय पाये आविने जोर जोर नी गालीया, देवा लाग्यो। पण बाबा आपडी भगति मय मस्त ता। तवना इक बिजे सुरे किदु, के बाबाजी तमने  वो सुरो खुब गाले दई रयो हे। तवणा बाबे किदु के वो खु

महेनत हि धन हे

सुन्दरपुर गाँम मय इक किसान रहतो तो। एने सार सुरा ता। वो खुब आलसि ता। कोई बी काम निय करता ता। किसान खुब दुकी तो के इने सारे सुरा निय कामना हे। खुब सुसवा लागियो ते किसान इक दाडे खुब बीमार पडिग्यो इने खबर पडी के वो, वदार दाडा थकि जिवी ना सके। अटले इणे सब सुरने हादिने किदु के मुते वदार दाडा निय जिवुगा पण तमने इक राज,नी वात बताडी जु आपडे खेतर मय घणु धन गालियु हे। तमे सब जण

जिवु आण दाड़ मय हे

इक आदमी खुब कंजुस तो वो पुरी दाडा कंजुसी करीने पाँस लाक रुपया भीगा करीया ता। वो विसार करवा लागियो के इक वर तक वो कोई काम निय करेगा निय आराम नी जिन्दगी,जिवेगा।तवणा यमराज ना यमदुत आविया नेय ऐणा कंजुस नेय लई जावा लागिया कंजुस किदु के मु, तमने अरदो धन आलु पण तमे मने पाँस दाडनो जिवा बदले वगत आलो पण यमदुत इकनी, हामली तवणा कंजुस किदु के मने तीन दाडनो वगत आलो खुब पारातना करी

भिकारण बणी गावा वाळी

इक गाम मय विमला नाम निय इक बयरी आपड़े सुरा राजु नेय आपड़ी बेटाउ गोरी हाते रेती ती। विमला नेय आदमी मरीग्यो तो ते घेर निय पुरी जिमेवारी राजु माते आवी गइती।पण गाम मय राजु नेय कोई काम निय मलवा नेय करण गरीबी नेय मुसकीले बड़वा लागी ती। विमला नेय बेटाउ खुब लालसी ती, इक दाड़े गोरी आपड़े आदमी थकी केवा लागी अरे हामळो एवी आय कोई निय राकीयु हे आपड़ नेय असली मुटा सेर मय जावु जुवे

भिखारण बणी डांक्टर

इक वगत निय वात हे, कासीपुर गाम मय इक जगन्नाथ नाम नो इक भिखारी आपड़ी सुरी गोरी हाते रेतो तो। गोरी नेय बाई गाम मय इक ममारी बेमारी फेलवा निय करण मरीग्यी। नेय जगन नेय सई देकाई निय देतु तु। एणी वजय थकी गाम मय एने कोई काम निय आलतु तु। आणी मजबुरी थकी गोरी हाते एने भिख मागवी पड़ती ती, पण गोरी नेय भिख मागवु सई निय लागतु तु। वो भणाई लकाई करवा निय इच्छा राकती ती। जवणा गोरी जगन न