गरीब नेय उड़ान
इक गांम मय इक सकु बाई नाम निय बयरी रेती ती, वो इक भाड़ा वाळा घेर मय रेती ती। एनो आमदी मरीयो नेय बै वर थय त। एने इक सुरो बी तो, वो भणवा मय खुब होसियार तो घोर वाळा नेय मरवा नेय वाय घोर निय पुरी जिम्मेवारी सकु भाई नेय माते आविग्यी ती। सकु भाई नेय सुरा नेय नाम राजु तु, सकु बाई हमेसा सुसती के इक दाड़ो मारो सुरो मुटो अपसर बणेगा। सकु बाई जवणा काम करवा जाती ते राजु बी सकु बाई










