इक किसान

खुब वरस पेले इक गाम मय देवा नाम नो इक किसान तो, इनी बयरी नु नाम देवी तु। इने पाय बै गुदा ता इक नु नाम रामु बीजाने नाम किसन तु। देवो आपड़े गुदने मदद थकी हर दाड़े खतर आकीने मेनत थकी काम करतो तो। ईणा इलाका मय इक कालु नाम नो पसुओ नो वेपारी रेतो तो। गाम गाम फरीने पसुओ नी सुरी करीने बजार मय विसी करतो तो। इक वगत कालु देवा नेय खतर मय काम करतो दिकी लीदो तो,ते कालु सुसवा लागो अ

लालसी दुद वाळो

खुब टेम पेले इक गाम मय बै दुद विसवा वाळा रेता ता,इक नु नाम किसन नेय बीजा नु कान्यो तु। किसन खुब इमानदार नेय मेनत करवा वाळो तो। किसन रुज हवार मय उठी नेय आपड़ी ठाई नेय सार आलिने नावानु करीने पसे सुर्या भगवा नी प्रातना करतो, पसे आपड़ी ठाई नेय दुद काड़तो पसे बाजार मय जाईने वीसी आवतो। बीजी आड़े कान्यो खुब आलसी तो, वो खुब मोड़ो उठतो। कान्यो विसार करवा लागो के आ कोई जिन्दगी

इक पेलवान

इक गाम मय इक पेलवान रेतोतो। वो रुज कसरत करीने खुब तागत वाळो थईग्यो। इक दाड़े वो इक बामुण पाय जाईने केवा लागो के मुं आजे कुस्ति करवा जाईरयो हुं ते तमे ई बताड़ो के मु आजे जीतीने आवुगा के अरी नेय तवाणा वणे बामुण किदु के तारे आजे राहु नेय सनि लागा थका हे,अटले तारे आजे जीतवा ना साईस कम हे। पेलवान आ वात हामळी नेय बी कुस्ति करवा जातो रयो नेय जिने थकी कुस्ति करी वणे वणा पेलवा

हिक थकी मुटू धन कोई नी

इक राजो तो, वो खुब दयाळु तो। वो रुज जंगल मय जानोवर नेय जुवा जातो,इक दाड़े वो राजो रुज नी तरह वो जंगल मय जानोवर जुवाग्यो। पण जंगल मय असानक अंगास मय वादळु नेय तुपान आवीयो। ते राजा नेय काफी टेंम नकळीग्यो। ते राजो आपड़े मेल मय जवानी वाट भुलिग्यो, नेय जंगल मय भटकतो भटकतो वो खुब थाकीग्यो ते इक बुर ना रुकड़ा ताले जाईने बैटो ते वणी बुर पाय तीन नान सुर आवत दिकीने राजो खुस थयो।

माधगढ धामे आयो मारो गुरुवो माधगढ धामे आयो मारो गुरुवो

माधगढ धामे आयो मारो गुरुवो माधगढ धामे आयो मारो गुरुवो।2
ओ राजुघर नो सेलो मारो गुरुवो राजुघर नो सेलो मारो गुरुवो।2
धरम नो वैपारी मारो गुरुवो धरम नो वैपारी मारो गुरुवो।2
भगती लई नेय आयो मारो गुरुवो भगती लीई नेय आयो मारो गुरुवो।2
धरमनु नावटू बादयु मारो गुरुवो धरमनु नावटू बादयु मारो गुरुवो।2
माधगढ धुणिये रसी मारो गुरुवो माधगढ धुणिये रसी मारो गुरुवो।2

सतगरु आया बणजारा

ऐ सतगरु आया रे ग्यान गुण लाया।
हिरा रे लाल ज्वारा रे सादु भाई सतगरु आया बणजारा।
ऐ एवतारो ड़ाव भुले रे मति भाईया एवतारो ड़ाव भुले रे मति भाईया।
मीले नेय दुजी वारा रे सादु भाई सतगरु आया बणजारा।
आ जागर सतरी सगत नही होवे रे सन्त करे रे पुकारा।2
ऐ आटो रे पेर गोळवा गावे जावेला दुर देसवारा रे सादु भाई सतगरु आया बणजारा।

पाणी पवन कणे बणायो महाराज

पाणी पवन कणे बणायो माराज।
इयो मारो गरू करवो हे माराज।2
जामे अजमल कणे बणाई हे माराज।
इयो मारो गरू करवो हे माराज।2
तारा मण्डल कणे बणाया रे माराज।
इयो मारो गरू करवो हे माराज।2
इयो गुरु आमने बतावो माराज।
इयो मारो गरू करवो हे माराज।2
मुटा मुटा बाबा केव हो माराज।
इयो मारो गरू करवो हे माराज।2
इनु उदडु करो रे माराज।

सामलिया तमारो मुलक मारे जुवो हे

सामलिया तमारो मुलक मारे जुवो हे।2
ऐ सामलिया गेली रे गुजरात वाळा धणी हो।
सामलिया तमारो मुलक मारे जुवो हे।2
हे हे समलिया डुंगरा नेय वेस मय वसेला हो।
सामलिया तमारो मुलक मारे जुवो हे।2
हे हे समलिया मुटा मुटा मेळा वाळा हो।
सामलिया तमारो मुलक मारे जुवो हे।2
हे हे समलिया बीजरे पुनेम वाळा हो।
सामलिया तमारो मुलक मारे जुवो हे।2