खारु पाणी
इक वगत नी वात हे। एक गांम मय बे भाई रेता ता। जे मुटो भाई घणो अमीर तो। नेय नानो भाई घणो गरीब तो । नाना भाई नेय खवाना बी वका पडी रया ता। इक दाडे नानो भाई मुटा भाई नेय पायेग्यो ने खवा बळे दाणा मागिया ते मुटे भाई ना कई दिदु ते नानो भाई घणो उदास थई नेय आपडा घेरे जावा लागियो। वाट मय इक दानो डुवो मलियो वो दानो डुवो आपडा माता माते इक लाकड नो भारो हाई नेय जातो तो नेय नाना भा










